और तुझे तो कबका बिछा देते जरा मां बाप ने रोक रक्खा है…!
हम वो खिलाड़ी हैं जो अपनी शर्तों पर खेलते हैं,
क्या बदमाशी शायरी सिर्फ दोस्तों के बीच की जाती है?
तो बड़े-बड़े के दिलों में डर पैदा होता है ⚡
दिल में नफरत रखने वालों की कमी नहीं दुनिया में,
पर क्या करें, लोग बदमाशी करने पर मजबूर कर देते हैं।
पर लोगों के लिए हम आज भी रंगबाज़ हैं — बेटा जितना तू सोचता है हम उससे ज्यादा खराब हैं
तेरी आँखों में जो बात है, वो ज़ुबां पर नहीं आती,
असली खेल जहाँ है — वहाँ तेरा नाम भी धूल में मिल जाएगा
ਹਮੇਸ਼ਾ ਅਸੀਂ ਸਿੱਧੇ ਸੜਕਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ।
हमारी ख़ामोशी की वजह मेरे मां बाप है लाडले,
लायक नहीं हु में नालायक हु में तेरे जैसे भड़वे के लिए खलनायक हु में !!
बदमाशी हमारी पहचान है, ये कौन रोक पाए। ⚡
अकड़ badmashi shayari 2 lines दिखाएगा तो मेरा कुछ उखाड़ नहीं पाएगा…!